मेघालय

बालपकरम से चेरापुंजी

मार्च 09, 2018 यात्रा वृतांत के इस भाग में बालपकरम से चेरापुंजी तक के 160 कि॰मी॰ के सफर को समेटने की कोशिश करेंगे। यह यात्रा मुख्यतः भारत –बांग्लादेश सीमा पर थी। यायावरी के उन लम्हों में बिताया एक-एक पल चुनौतियों के साथ रोमांच से भरा था, जिसने मुझे भारत के छुपे हुए इस भू-भाग को… Continue reading बालपकरम से चेरापुंजी

बालपकरम नेशनल पार्क, मेघालय

बालपकरम नेशनल पार्क, मेघालय राज्य के साउथ गारो हिल जिले में स्थित है। यह जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र है तथा नोकरेक बायोस्फियर रिजर्व का हिस्सा है। इसे गारो मान्यताओं व परम्पराओं में पवित्र स्थान माना गया है। प्रस्तुत है मार्च, 2018 के मेघालय भ्रमण के कुछ पन्ने।

सिजु गुफा, मेघालय

साउथ गारो हिल जिला, मेघालय  08 मार्च, 2018 सिजु गुफा जिसे स्थानीय लोग ‘डोबाखोल ‘ के नाम से जानते हैं, राष्ट्रीय राजमार्ग 217 से 5 कि॰मी॰ दूर, अपर सिजु और लोअर सिजु गाँव  के बीच, सोमेश्वरी नदी के तट पर स्थित है। डोबाखोल का गारो भाषा में अर्थ है- चमगादड़ों की गुफा। मुख्य मार्ग (एन॰एच॰ 217)… Continue reading सिजु गुफा, मेघालय

नोकरेक से सिजु की यात्रा

नोकरेक नेशनल पार्क (दरिबोकगरे) से मार्च की इस दोपहरी में मेघालय यात्रा के अगले पड़ाव सिजु के लिए रवाना हो गया। दरिबोकगरे संपर्क सड़क ओरगिटोक में तुरा-विलियम नगर मार्ग के जुड़ जाती है। ओरगिटोक से आगे यह मार्ग सिमसांग नदी के साथ-साथ चलता है। सिमसांग का उद्गम  नोकरेक की पहाड़ियों से हैं। सिमसांग खूबसूरत घूमावदार… Continue reading नोकरेक से सिजु की यात्रा

शिलांग से तुरा की यात्रा

        मैं गुवाहाटी से शिलांग 04 मार्च, 2018 को पंहुचा था। वहां से अगले दिन मावफलांग पहुँचा। मावफलांग से मधुर यादों के साथ 06 मार्च, 2018 की दोपहर में नोकरेक नेशनल पार्क के लिए रवाना हो गया। मावफलांग से चार किलोमीटर चलने पर मावंलाप गाँव आता है, यही से शिलांग से नोंगस्टोइन को जोड़ने वाला  NH-106 मिलता है।… Continue reading शिलांग से तुरा की यात्रा

मावफलांग गाँव: डेविड स्कॉट ट्रेक, डैम व्यू

पूर्वोतर भारत की मेरी इस सोलो-बाइक ट्रिप का पहला पड़ाव मावफलांग गाँव हैं। मावफलांग, मेघालय का एक प्रसिद्ध और खूबसूरत गाँव हैं।यह गाँव मावफलांग सेक्रेड ग्रोव (पवित्र वन), डेविड स्कॉट ट्रेक, खासी हेरिटेज विलेज और मावफलांग डैम के लिए प्रसिद्ध हैं। राजधानी शिलांग से घुमावदार रास्तों एवं नयनाभिराम नजारों से होते हुए, प्राइवेट शेयर्ड टैक्सी… Continue reading मावफलांग गाँव: डेविड स्कॉट ट्रेक, डैम व्यू

बाघमारा – अभावों के बीच सुंदर दुनिया

मार्च 8, 2018 साउथ गारो हिल जिला, मेघालय सिजु गुफा और पक्षी अभ्यारण्य का एपिसोड पूरा हो गया। मैंने अविस्मरणीय यादों के साथ 11.15 बजे सिजु को अलविदा कह दिया। गारो हिल में मिले प्यार ने मुझे कई बार भावुक बना दिया। जहां से भी रवाना होता तो लोग जरूर पूछते, ” वापस कब आओगे?”… Continue reading बाघमारा – अभावों के बीच सुंदर दुनिया

सिजु पक्षी अभ्यारण्य – मेघालय

साउथ गारो हिल जिला, मेघालय8 मार्च, 2018  सुबह की आहट पाकर पक्षियों की चहचहाहट शुरू हो गई थी, इसी से मेरी नींद टूट गई। मैं गेस्ट हाउस के कमरे से बाहर निकल कर बेंच पर बैठ गया। मेरे एक तरफ जंगल है और दूसरी तरफ सोमेश्वरी नदी बह रही है। आधुनिक शोर-शराबे से दूर प्रकृति… Continue reading सिजु पक्षी अभ्यारण्य – मेघालय

नोकरेक नेशनल पार्क, मेघालय

सुबह 6 बजे तुरा शहर मॉर्निंग वाक पर था,  मैं होटल से चेक-आउट कर नोकरेक नेशनल पार्क (दरिबोकगरे बेस कैम्प) के लिए रवाना हो रहा था। तुरा गारो हिल्स का सबसे बड़ा शहर है, इसे मेघालय की दूसरी राजधानी भी माना जाता है। यही से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा लोकसभा जाते थे। यहाँ की… Continue reading नोकरेक नेशनल पार्क, मेघालय

मावलीननोंग – एक आदर्श गाँव की खोज

आज (13.03.2018) मेघालय दर्शन का नौवां दिन था और आखिरी चरण भी। आज की यात्रा के लिए एक अरसे से उत्साहित था क्योंकि मैं मावलीननोंग यानी एशिया के सबसे स्वच्छ गांव जाने वाला हूँ। मावलीननोंग मेघालय के पूर्व खासी हिल्स जिले का एक छोटा-सा गांव है जो 2003 में सुर्खियों में आ गया जब डिस्कवर… Continue reading मावलीननोंग – एक आदर्श गाँव की खोज

मावफलांग पवित्र वन: खासी विरासत

मेघालय राज्य की राजधानी शिलांग से 28 किलोमीटर का सफ़र तय करने के बाद मावफलांग गाँव आता हैं। ईस्ट खासी हिल्स जिले में पड़ने वाला यह गाँव, जयंतिया और खासी पहाड़ियों के बीच पड़ता हैं। यह खासी आदिवासी समुदाय द्वारा 800 सालों से अधिक समय तक सहेज कर रखे गए पवित्र वन के लिए विश्व… Continue reading मावफलांग पवित्र वन: खासी विरासत